रिटायरमेंट के बाद हर महीने पेंशन मिले - यह करोड़ों कर्मचारियों का सपना है। EPS 1995 इसी सपने को पूरा करती है। 2026 में इसके नियम बदले हैं - कुछ कड़े, कुछ और सुविधाजनक। सब कुछ जानिए यहाँ।
TL;DR - मुख्य बातें
- EPS पेंशन के लिए अब 36 महीने प्रतीक्षा (पहले 2 महीने)
- CPPS से पेंशन किसी भी बैंक में - PPO की जरूरत नहीं
- Jeevan Pramaan अब घर से IPPB के जरिए - निशुल्क
- 10 साल+ सेवा पर मासिक पेंशन, कम पर एकमुश्त benefit
- 58 साल पर पूर्ण पेंशन शुरू
EPS क्या है? - संक्षिप्त परिचय
Employees’ Pension Scheme (EPS) 1995 - यह EPFO का वह हिस्सा है जो रिटायरमेंट पर मासिक पेंशन देता है।
योगदान:
- Employee का 12% → पूरा EPF में जाता है
- Employer का 12% → इसमें से 8.33% EPS में, बाकी EPF में
पात्रता:
- EPFO सदस्य होना जरूरी
- 10 साल की सेवा (मासिक पेंशन के लिए)
- 58 साल की आयु
36 महीने की प्रतीक्षा - नया नियम क्यों?
पहले: नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद EPS withdraw कर सकते थे। अब (2026): 36 महीने की प्रतीक्षा - यानी नौकरी छोड़ने के 3 साल बाद।
क्यों? EPFO के अनुसार बहुत से कर्मचारी जल्दी EPS निकाल लेते थे, जिससे रिटायरमेंट पर पेंशन नहीं बचती थी। 36 महीने की शर्त से pension continuity बढ़ेगी।
अपवाद:
- मृत्यु पर nominee/family को तुरंत मिलेगा
- 10 साल से कम सेवा पर भी 36 महीने के बाद EPS withdrawal benefit मिलेगा
CPPS - पेंशन अब किसी भी बैंक में
Centralised Pension Payment System (CPPS) जनवरी 2025 से लाइव है।
पहले की समस्या: पेंशनर को उसी बैंक से पेंशन मिलती थी जो PPO (Pension Payment Order) में होता था। बैंक बदलने पर बड़ी परेशानी।
अब: NPCI के जरिए पेंशन किसी भी बैंक के खाते में आती है। PPO की जरूरत नहीं। खाता बदलने पर भी पेंशन बंद नहीं होगी।
फायदा: दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनर, जो बैंक बदल चुके हैं - सबके लिए राहत।
Jeevan Pramaan (जीवन प्रमाण) - घर से जमा करें
हर साल पेंशनर को जीवित होने का प्रमाण (Life Certificate) जमा करना होता है। पहले यह बैंक या EPFO कार्यालय जाकर करना पड़ता था।
अब:
- IPPB (India Post Payments Bank) के जरिए घर पर आकर Jeevan Pramaan submit होगा
- EPFO यह सेवा शुल्क (₹50) खुद देता है - पेंशनर के लिए निशुल्क
- डिजिटल Life Certificate UMANG ऐप से भी दिया जा सकता है
UMANG ऐप से कैसे:
- UMANG ऐप → Jeevan Pramaan
- Aadhaar नंबर डालें
- Biometric या OTP से verify करें
- Certificate ऑटोमेटिक EPFO को मिल जाएगा
EPS पेंशन कितनी मिलती है?
Formula:
मासिक पेंशन = (Pensionable Salary × Pensionable Service) ÷ 70
Pensionable Salary: पिछले 60 महीनों की औसत salary का वह हिस्सा जो EPS में जाता है (अधिकतम ₹15,000)
उदाहरण:
- Pensionable Salary: ₹15,000
- सेवाकाल: 35 साल
- पेंशन = (15,000 × 35) ÷ 70 = ₹7,500/माह
EPS पेंशन के प्रकार
| पेंशन प्रकार | कब मिलती है |
|---|---|
| Superannuation Pension | 58 साल पर 10+ साल सेवा |
| Early Pension | 50-57 साल के बीच (reduced) |
| Disablement Pension | स्थायी विकलांगता पर |
| Widow/Children Pension | सदस्य की मृत्यु पर |
| Orphan Pension | माता-पिता दोनों की मृत्यु पर |
10 साल से कम सेवा पर EPS - Form 10C
अगर आपकी सेवा 10 साल से कम है, तो मासिक पेंशन नहीं मिलेगी। लेकिन EPS withdrawal benefit मिलेगा।
Form 10C से यह claim करें:
- EPFO पोर्टल → Online Services → Claim (Form 10C)
- 36 महीने की प्रतीक्षा के बाद
निष्कर्ष
EPS पेंशन 2026 में ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। CPPS और घर पर Jeevan Pramaan - ये बुजुर्ग पेंशनरों के लिए बड़ी राहत हैं। 36 महीने की शर्त थोड़ी कड़ी है, लेकिन यह आपकी रिटायरमेंट सुरक्षित करती है।
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